What is Oceanography – Oceans, Polar Ice, Glaciers, Ground Water, Lakes, Rivers, Soil Moisture, Atmospheric Water Vapour

Understanding Oceanography is essential for all students Oceanography mainly helps students to understand about the ocean as we all know about 71% of the Earth’s land area is spread over the oceans in the southern as compared to the northern hemisphere Its expansion is more in the hemisphere. We know that the Pacific Ocean is the largest ocean in the world, the Atlantic Ocean, the Indian Ocean, the Arctic Ocean and the Antarctic Ocean are other oceans.

Expansion of water on earth

Sources Water %
Oceans 97 %
Polar Ice & Glaciers 2.04 %
Ground Water 0.61 %
Lakes 0.009 %
Saline Lakes & Inland Sea 0.008 %
Soil Moisture 0.005 %
Atmospheric Water Vapour 0.001 %
Rivers 0.0001 %

Tectonic Volcanoes: Due to deposition etc., various types of high volumes have been formed in the ocean floor which are as follows

Continental Shelf

It is the widest submerged surface in the Arctic Ocean due to the presence of light, its depth ranges from 150 m to 200 m and the average spoke is 1 degree or less. These are the main areas of fisheries, about a quarter of the world’s total mineral oil and gas production is obtained from the continent itself.

यटयट से समुद्र की ओर मत डाल वाला जलमग्न धरातल है यह आर्टिक महासागर में सर्वाधिक चौड़ा है प्रकाश की उपस्थिति के कारण यहां जीव घनत्व उच्चतम होता है इसकी गहराई 150 मीटर से 200 मीटर तक होती है तथा औसत प्रवक्ता 1 डिग्री या उससे भी कम होता है यह मत्स्य के प्रमुख क्षेत्र हैं विश्व के कुल खनिज तेल और गैस उत्पादन का लगभग एक चौथाई भाग महादीपीय से ही प्राप्त होता है

Continental Slope

The continental slope extends towards the magnet cold and is between 2 and 5 degrees, the ocean, this canyon and trough are the main geomorphic features here. Its boundary is considered to be the last boundary of the continent.

महाद्वीपीय ढाल का विस्तार मैग्नेट शीतल की ओर होता है और डाल दो से 5 डिग्री के बीच होता है सागर यह कैनियन व गर्त यहां के प्रमुख भू आकृतिक विशेषता है इसकी सीमा ही महाद्वीप की अंतिम सीमा मानी जाती है

Abyssal Plain

It is the deepest part of the ocean, its depth ranges from 3000 meters to 6000 meters, it covers about 40% of the ocean area, its maximum expansion is found in the Pacific Ocean.

यह महासागर का सबसे गहरा भाग है इसकी गहराई 3000 मीटर से 6000 मीटर तक होती है यह महासागरीय क्षेत्र के लगभग 40% क्षेत्र में विस्तृत हैं इसका सर्वाधिक विस्तार प्रशांत महासागर में पाया जाता है

Oceanic Trenches

These are the deepest parts of the ocean, this ocean is spread over about 7 percent of the area, the world’s deepest trough is the Mariana Trench, which is located in the Pacific Ocean, the world’s 5 deepest troughs are located in the Pacific Ocean, which is the Mariana Trench Tonga Trough Kuril Come Touch Kagaz Philippines Girl And Karma Has Trouble

यह महासागर के सबसे गहरे भाग होते हैं यह महासागर यह कल के लगभग 7 प्रतिशत भाग पर फैले हुए हैं विश्व का सबसे गहरा गर्त मेरियाना गर्त है जो प्रशांत महासागर में अवस्थित है विश्व के 5 सर्वाधिक गहरे गर्त प्रशांत महासागर में ही अवस्थित हैं जो मेरियाना गर्त टोंगा गर्त कुरील कम टच कागज फिलिपींस गर्ल तथा कर्मा दिक्कत है

Ocean water temperature and salinity

Temperature

In determining the temperature of ocean water, mainly solar energy is the major contributor, the important role of sea water temperature is considered to be in determining the type and distribution of marine fauna and flora, both at salinity and regional level in sea water. It is also seen that the temperature of sea water decreases with increasing depth of the sea water, the temperature of sea water is variable relative to the latitudes, the temperature of sea water is highest near the equator and decreases gradually towards the travelers. Due to the difference in size, the annual temperature difference in the Atlantic Ocean is higher than in the Pacific Ocean, due to the greater expansion in the Northern Hemisphere, the temperature difference is higher than in the Southern Hemisphere, the ocean temperature is higher in the closed ocean than in the open ocean It does not run parallel to the lines of latitude, it is prevalent and is influenced by ocean currents, in that the western part of the oceans remains warmer than its eastern part while the temperate In the tropics, the eastern part of the oceans is warmer than the western part; the oceans have the highest temperature at 20 degrees latitude than the world.

महासागरीय जल के तापमान को निर्धारित करने में मुख्य रूप से सौर ऊर्जा का प्रमुख योगदान है समुद्री जीवो तथा वनस्पतियों के प्रकार तथा वितरण को निर्धारित करने में सागरीय जल के तापमान की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है समुद्री जल के तापमान में लवणता एवं क्षेत्रीय दोनों स्तरों पर भी समझाएं देखी जाती है प्रमुख रूप से समुद्री जल का तापमान गड़ा गहराई बढ़ने के साथ साथ घटता जाता है समुद्री जल का तापमान अक्षांशों के सापेक्ष परिवर्तनशील होता है विश्वत रेखा के समीप समुद्री जल का तापमान सर्वाधिक रहता है तथा यात्रियों की ओर क्रमशाह घटता जाता है आकार में अंतर के कारण अटलांटिक महासागर में वार्षिक तापांतर प्रशांत महासागर की अपेक्षा अधिक होता है उत्तरी गोलार्ध में विस्तार की अधिकता के कारण तापांतर दक्षिणी गोलार्ध की अपेक्षा अधिक होती है खुले सागर की अपेक्षा बंद सागर में सागर का तापमान अधिक होता है महासागरों तथा समताप रेखाएं अक्षांश रेखाओं के समानांतर नहीं चलती है यह प्रचलित हो तथा महासागरीय जल धाराओं से प्रभावित होती है उसमें महासागरों के पश्चिम भाग इसके पूर्व भाग की अपेक्षा अधिक गर्म रहते हैं जबकि शीतोष्ण कटिबंध में महासागरों के पूर्वी भाग के पश्चिमी भाग की अपेक्षा अधिक गर्म होती है महासागरों में विश्व की अपेक्षा 20 डिग्री अक्षांश पर तापमान सर्वाधिक होता है आती जाती है

Salinity

In fact, the amount of salts present in 1000 grams of sea water is called ocean salinity. The sub-tropics are found near high air pressure because today there is more evaporation due to clear sky, high temperature and regular commercial plants. The condition and the supply of fresh water in the melting of sections reduces salinity Ahiyapur Salinity is lower in the open seas than in the closed seas Temperature is directly related to the salinity of the world’s largest lake in Turkey Dead Sea Great Salt Lake Red Sea Come let’s talk about the births of the ocean, then we will see that sodium chloride is 77 points 8% magnesium chloride 10 points magnesium sulphate potassium sulphate 3 points.

वस्तुतः 1000 ग्राम समुद्री जल में विद्यमान लवणों की मात्रा को सागरीय लवणता कहते हैं इससे प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है समुद्री जल की औसत लवणता लगभग 35% होती है अर्थात 1000 ग्राम समुद्री जल में 35 ग्राम घोषित लवणता विद्यमान होती है सबसे अधिक लवणता वाले क्षेत्र उपोष्ण कटिबंध उच्च वायुदाब के समीप पाए जाते हैं क्योंकि आज स्वक्ष आकाश उच्च तापमान तथा नियमित व्यापारिक पौधों के कारण वाष्पीकरण की अधिकता होती है उपोष्ण कटिबंध उच्च वायुदाब कटिबंध के दोनों ओर विश्वत वृत्त तथा ध्रुवों की ओर लवणता में कमी दर्ज की जाती है क्षेत्रों के वशीकरण की स्थिति और खंडों के पिघलने में ताजे जल की आपूर्ति लवणता को कम कर देती है अहियापुर बंद सागरों की अपेक्षा खुले सागरों में लवणता कम होती है तापमान का लवणता से सीधा संबंध होता है विश्व की सर्वाधिक तुर्की की झील मृत सागर ग्रेट साल्ट लेक लाल सागर आते हैं सागर यह जन्मों की बात करें तब हम यह देखेंगे कि सोडियम क्लोराइड 77 पॉइंट 8 परसेंट मैग्निशियम क्लोराइड 10 प्वाइंट मैग्निशियम सल्फेट 4 पॉइंट 7 पॉइंट होते हैं

Tide & Ebb

Tidal ebb is related to the vertical movement of ocean water. The phenomenon of rising above the normal level of water is called tide and the phenomenon of falling below its normal level is called ebb.

ज्वार भाटा सागरीय जल की ऊर्ध्वाधर गति से संबंधित है सागर यह जल के सामान्य स्तर से ऊपर उठने की घटना को ज्वार तथा इसके सामान्य स्तर से नीचे गिरने की घटना को भाटा कहते हैं

Tidal ebb is generated due to the mutual attraction between the Earth, Moon and the Sun and due to the combined effect of the centrifugal force generated by the rotation of the Earth, due to the proximity of the Moon to the Earth, the force of attraction is much more than that of the Sun. Direct tides are produced by the effect of the Moon’s force of attraction on the Earth’s water body that is at the head of the Moon. Gives rise to the decrease in longitude, thus the tides and ebb are generated at the same time, due to the motion of the earth and the moon on the earth, if one comes at any place by 8:00 am, then the next night at 8:26 But will come and will come the next day at 8:52 in the morning. effect is limited In this case a reduction of 20% is produced.

ज्वार भाटा पृथ्वी चंद्रमा और सूर्य की पारस्परिक आकर्षण क्रिया तथा पृथ्वी के घूर्णन से उत्पन्न अपकेंद्रीय बल से सम्मिलित प्रभाव के कारण उत्पन्न होता है चंद्रमा की पृथ्वी से निकटता के कारण स्थिति आकर्षण शक्ति सूर्य के आकर्षण शक्ति से बहुत अधिक होती है अतुल की अपेक्षा यह जल की अधिक आकर्षित करता है और ज्वार भाटा को प्रभावित करता है चंद्रमा के प्रमुख वाले पृथ्वी के जलीय भाग पर चंद्रमा के आकर्षण बल के प्रभाव से प्रत्यक्ष ज्वार की उत्पत्ति होती है इस समय पृथ्वी के चंद्रमा पर केंद्रीय बल के कारण समुद्र जल में वृद्धि से डिग्री देशांतर में आने वाली कमी को जन्म देती है इस प्रकार एक ही समय में ज्वार और भाटा की उत्पत्ति होती है पृथ्वी पर पृथ्वी एवं चंद्रमा की गति के कारण यदि किसी स्थान पर प्रातः 8:00 बजे द्वारा आता है तो अगला रात्रि को 8:26 पर आएगा और अगले दिन प्रातः 8:52 पर आएगा प्रतिदिन एक की ऊंचाई के नहीं होते पूर्णिमा के दिन चंद्रमा सूर्य अवस्थी जी के कारण सामान्य से अधिक की उत्पत्ति होती है शुक्ल पक्ष की सप्तमी अष्टमी को बनाते हैं जिसके कारण पृथ्वी पर सूर्य व चंद्रमा का प्रभाव सीमित हो जाता है इस स्थिति में 20% की कमी उत्पन्न होती है

The highest tidal height is 15 to 18 meters in the Bay of Fundy, located between New Brunswick in Canada and 9 , South Temple, on the south coast of England, receives tidal tides four times a day due to the tidal currents entering the Tense and Hooghly Rivers. Due to the same reason, London and Kolkata are important declines in India, the highest altitude gates come in the Gulf of Kutch and the Gulf of Cambay, due to which there is a wide potential for the production of electrical energy from tidal energy, where the height of the tide reaches 10 to 12 meters. The Sundarbans region located on the eastern coast of India also has a wide potential to generate electrical energy.

कनाडा के न्यू ब्रुनस्विक तथा 9 वाक्य के मध्य स्थित फंडी की खाड़ी में ज्वार की ऊंचाई सर्वाधिक 15 से 18 मीटर होती है इंग्लैंड के दक्षिण तट पर स्थित साउथ टेंपल में प्रतिदिन चार बार जवार आता है टेंस और हुगली नदी में प्रवेश करने वाले ज्वारीय धाराओं के कारण ही क्रम से लंदन व कोलकाता महत्वपूर्ण पतन है भारत में कच्छ की खाड़ी तथा कैंबे की खाड़ी में सर्वाधिक ऊंचाई के द्वार आते हैं जिससे यहां ज्वारीय ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा के उत्पादन की व्यापक संभावना है यहां ज्वार की ऊंचाई 10 से 12 मीटर तक पहुंच जाती है भारत के पूर्वी तट पर स्थित सुंदरवन क्षेत्र में भी द्वारा ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा उत्पन्न की व्यापक संभावना है भारत के पूर्वी तट पर स्थित ओडिशा के चांदीपुर समुद्र के दौरान समुद्री जल में 5 से 10 किलोमीटर दूर चला जाता है तथा ज्वार के समय पूर्ण हो जाता है

Oceanic Current

The flow of ocean water in a definite direction is called ocean currents.

महासागरीय जल राशि का निश्चित दिशा में प्रवाह हो उन्हें महासागरीय धाराएं कहते हैं

Ocean currents are mainly of two types on the basis of their shape, hot water currents and cold water currents, from high places in the low latitudinal world financial zone, temperate and subduction. Currents flowing from opposite high latitudes to low latitudes are cold currents but not always because temperature as well as other factors are responsible for determining the origin of water currents.

महासागरीय जलधाराएं अपने आकृति के आधार पर मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है गर्म जल धाराएं और ठंडी जलधाराएं निम्न अक्षांशीय विश्व वित्तीय क्षेत्र में उच्च स्थान से संत शीतोष्ण और उपद्रव यह कटिबंध की ओर प्रवाहित होने वाली धाराएं सामान्य तक गर्म जल धाराएं होती है इसके विपरीत उच्च अक्षांश से निम्न अक्षांशों की ओर प्रवाहित होने वाली धाराएं ठंडी धाराएं होती है किंतु हमेशा ऐसा नहीं होता क्योंकि जल धाराओं की उत्पत्ति को निर्धारित करने में तापमान के साथ-साथ अन्य कारण भी उत्तरदाई होते हैं

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