Shoe Polish को Hindi में जूते की पोलिश, तो दूसरे शब्दों में सामान्य बोलचाल की भाषा में Boot Polish भी कहा जाता है | वैसे यदि देखा जाय तो इसका उपयोग फुटवियर को आकर्षक एवं उसकी जीवनी बढाने हेतु किया जाता है | सामान्यतया Shoe Polish अधिकांशतः दो रंगों काली एवं लाल भूरी रंग की बनाई जाती हैं | लेकिन चूँकि वर्तमान में तरह तरह रंग के जूतों का प्रचलन है इसलिए तरह तरह रंग की Shoe Polish भी बनाई जा सकती है |
प्राचीन काल से ही विभिन्न प्रकार के पदार्थ जैसे मोम एवं तेल Shoe Polish के रूप में उपयोग में लाये जाते रहे हैं | लेकिन वर्तमान में जो पोलिश जूतों पर लगाई जाती है इसकी शुरुआत 20वीं सदी में हुई थी इसको विभिन्न प्राक्रतिक एवं कृत्रिम पदार्थो को उपयोग में लाकर बनाया जाता है | इसलिए यदि Shoe polish का दुरूपयोग किया जायेगा तो यह त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है क्योंकि इसमें कुछ विषैले तत्व भी विद्यमान रहते हैं |
Shoe Polish बनाने का व्यापार क्या है :
Shoe Polish एक पेस्ट या फिर एक क्रीम के रूप में होती है यह जूतों पर चमक एवं जूतों की लाइफ बढ़ाने के उद्देश्य से उपयोग में लाया जाने वाला एक उपभोक्ता उत्पाद है | Shoe Polish को जूतों पर अधिकांशतः ब्रश का उपयोग करके लगाया जाता है | जूतों पर लगने वाली पोलिश जूतों को साफ़ करने का नहीं बल्कि उनमे चमक लाने के उद्देश्य से लगाई जाती है इसलिए पोलिश लगाने से पहले जूतों को कपडे या ब्रश से साफ़ करना अति आवश्यक होता है |
हालांकि Shoe Polish Presoaked Hard Sponge Form में एवं Liquid Form में भी बाज़ार में उपलब्ध है लेकिन क्रीम एवं पेस्ट वाली पोलिश इनके मुकाबले कुछ ज्यादा ही प्रचलित है |
शहर हो या ग्रामीण कोई भी क्षेत्र हो हर जगह लोगों द्वारा जूते अवश्य पहने जाते हैं लेकिन ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहर में निवासित लोग अपने जूतों का ज्यादा ध्यान रखते हैं और उनको चमकाने एवं जूतों का जीवनचक्र बढ़ाने के लिए Shoe Polish का इस्तेमाल करते हैं | उद्यमी द्वारा कमाई करने हेतु व्यवसायिक तौर पर किया जाने वाला Shoe Polish का उत्पादन Shoe Polish Making Business कहलाता है |
Shoe Polish के बिकने की संभावनाएँ
जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में पहले भी बता चुके हैं की Shoe Polish का उपयोग ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरों में कई गुना अधिक होता है | इसका मुख्य कारण यह है की नौकरीपेशा लोग अपने जूतों को चमकाने के लिए Shoe Polish का use करते हैं जबकि ग्रामीण इलाकों में नौकरीपेशा लोग कम ही देखने को मिलते हैं |
वैसे कुछ विशेषज्ञों का मानना है की आने वाले वर्षों में भी Shoe Polish की मांग या तो बाज़ार में स्थिर बनी रहेगी या फिर बिलकुल ही कम हो जाएगी इसका मुख्य कारण Formal Shoes को अल्पकाल में ही बदल देने की लोगों की आदत है | क्योंकि यदि जूता नया हो तो उसे कुछ दिनों तक या तो Shoe Polish की जरुरत होती ही नहीं है या फिर होती है तो वह बहुत कम |
इसके अलावा वर्तमान में Leather इत्यादि के ऐसे भी जूते बाज़ार में विद्यमान हैं जिन्हें Polish करने की आवश्यकता होती ही नहीं है या फिर बहुत कम होती है | लेकिन इसके बावजूद कुछ ब्रांड जैसे Kiwi, Cherry इत्यादि सफलतापूर्वक अपने इस उत्पाद को मार्किट में बेचकर अपनी कमाई कर रहे हैं |
आवश्यक मशीनरी और कच्चा माल
जूते की पोलिश बनाने के लिए प्रमुख रूप से प्रयोग में लाया जाने वाला कच्चा माल Candle wax, Charcoal, Paraffin Oil इत्यादि है | इस बिज़नेस को शुरू करने में लगने वाले कुछ प्रमुख मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट निम्नवत है |
- हीटर एवं बर्तन (Reaction vessel with heater)
- Cooler and mixer
- भंडारण बर्तन ( Storage vessel )
- पानी का टैंक (Water tank )
- Packing machine
- Stamping machine
- मापक यंत्र ( Weighing balance)
काम आने वाले Raw Materials की लिस्ट निम्नवत है |
- मोम (Candle wax)
- चारकोल (Charcoal)
- पैराफिन तेल (Paraffin oil)
- Bar soap
- वनस्पति तेल (Vegetable oil )
- पैकिंग सामग्री (Packing material)
निर्माण प्रक्रिया (Shoe Polish Manufacturing Process):
यद्यपि Shoe Polish Manufacturing करने के लिए कोई विशेष विधि वर्णित नहीं है बल्कि यह अलग अलग निर्माण कर्ताओं द्वारा अलग अलग विधि का प्रयोग किया जाता रहा है | लेकिन सामान्य तौर पर उपयोग होने वाली विधि में सर्वप्रथम मोम अर्थात Wax को Heater का उपयोग करके 85°C तक गरम किया जाता है | Mixing Tank यदि Stainless Steel का हो तो बिलकुल सही रहता है इसमें एक jacketed shell लगा हुआ होता है जो भाप एवं ठन्डे पानी को टैंक के चारों ओर फैलने में मदद करता है |
यह प्रक्रिया उस बैच को बाहरी पानी के संपर्क में आये बिना गरम एवं ठंडा करने में मददगार साबित होती है | Mixing kettle को भी कुछ इस तरह विन्यस्त किया जाता है की तापमान को आसानी से नियंत्रित किया जा सके | बैच को हिलाने एवं गरम करने की प्रक्रिया तब तक जारी रखी जाती है जब तक की वह घोल एक समान न हो जाय | उसके बाद बैच को ठंडा कर लिया जाता है | जब बैच ठंडा हो जाता है तो उसमे अन्य सामग्री जैसे रंग, खुशबू इत्यादि मिला दिए जाते हैं |
जब एक बैच बिलकुल तैयार हो जाता है तो इसकी गुणवत्ता का निरीक्षण करने के लिए उसका PH स्तर एवं दृढ़ता का निरीक्षण किया जाता है | गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरने के बाद उद्यमी चाहे तो डिब्बों में उसकी Packaging करा सकता है या फिर Storage Tank में उसका भंडारण करके बाद में पैकिंग कर उसे बेचकर अपनी कमाई कर सकता है |
जूतों की पॉलिश [Shoe Polish] बनाने का व्यापार
Shoe Polish Manufacturing Business एक लाभकारी और स्थिर मांग वाला व्यवसाय है। हर उम्र के लोग जूते पहनते हैं, और जूतों की पॉलिश की मांग हमेशा रहती है।
Shoe Polish क्या है?
- यह Leather Shoes और Leather Products की चमक और Protection के लिए इस्तेमाल होता है।
- Types: Wax Based, Cream Based, Liquid, Spray
- Color: Black, Brown, Neutral
जूतों की पॉलिश बनाने की प्रक्रिया
- Raw Material Selection
- Wax, Solvents, Pigments, Oils और Emulsifiers।
- Melting and Mixing
- Wax और Oils को Melt करें और Pigments मिलाएं।
- High-Speed Mixer का Use करें।
- Heating / Homogenization
- Mixture को Smooth और Uniform Color बनाने के लिए Heat और Mix करें।
- Cooling और Packaging
- Mixture को Containers या Tins में Fill करें।
- Label और Seal करके Market के लिए तैयार करें।
- Quality Control
- Shine, Spreadability और Drying Time Test करें।
