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ई रिक्शा बिजनेस कैसे शुरू करें? How To Start E Rickshaw Business.

E Rickshaw Business से आप सभी को इसलिए अवगत होना चाहिए क्योंकि वर्तमान में ई रिक्शा न सिर्फ बड़े बड़े महानगरों में ही चल रहे हैं। अपितु हर छोटे बड़े शहरों में भी इनकी शुरुआत हो चुकी है चूँकि यह बैटरी से चालित होते हैं इसलिए इनमें सवारी करना भी ग्राहकों को सस्ता पड़ता है। शुरूआती दौर में जब इनकी शुरुआत हुई थी तो एक ई रिक्शा खरीदने एवं चलाने के लिए किसी प्रकार के लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं थी।

लेकिन वर्तमान में इनका सम्बंधित रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में रजिस्ट्रेशन इत्यादि आवश्यक है। यद्यपि E Rickshaw से जुड़े ऐसे कई बिजनेस हैं जिन्हें कोई उद्यमी कर सकता है इनमें जैसे ई रिक्शा का निर्माण, ई रिक्शा खरीदकर खुद चलाना या फिर ई रिक्शा खरीदकर दैनिक या मंथली आधार पर किराये पर दे देना शामिल है । वर्तमान में ई रिक्शा केवल भारत में ही नहीं अपितु विभिन्न देशों में शहरों के अन्दर परिवहन का एक प्रमुख साधन है।

चूँकि इस तरह के इन वाहनों को बिना ईधन के अर्थात बैटरी चार्ज करके चलाया जाता है इसलिए ये वाहन लगभग सभी देशों में काफी प्रचलित हैं। इसके अलावा इनके प्रचलित होने का दूसरा कारण यह है की यह वातावरण के अनुकूल होते हैं और किसी प्रकार का प्रदूषण पैदा नहीं करते हैं। लेकिन वर्तमान में इनका इस्तेमाल केवल एक ही शहर के अन्दर कम दूरी के लिए किया जाता है।

जहाँ तक भारत में इनके प्रचलन का सवाल है भारत में इनका आगमन सन 2011 में हुआ था तब से इनकी पॉपुलैरिटी भारत में बढती गई है। चूँकि इनमें शहर के अन्दर एक जगह से दूसरी जगह जाने का किराया बेहद कम होता है इसलिए लोगों द्वारा इनका इस्तेमाल बहुतायत मात्रा में किया जाता है । यही कारण है की प्रमुख शहरों में तो इनकी संख्या बढ़ ही रही है छोटे छोटे नगरों एवं शहरों में भी इनका प्रचलन दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसलिए आज हम हमारे इस लेख में E Rickshaw Business कैसे शुरू किया जाता है के बारे में विस्तार से जानने का प्रयत्न करेंगे।

E Rickshaw Business शुरू करने के लाभ:

जैसा की हम सबको विदित है की वर्तमान में भारत के बड़े शहर प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे हैं यद्यपि इन शहरों में प्रदूषण होने के अनेक कारण है। लेकिन अन्य प्रमुख कारणों में एक कारण यह भी है की इन शहरों में प्रतिदिन डीजल, पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की संख्या काफी अधिक है। इसलिए सरकार डीजल वाहनों हेतु नए नियम एवं विनियमन को लागू करके प्रदूषण को कम करने या दूर करने के लिए कड़े कदम उठा रही है। चूँकि वर्तमान में E Rickshaw की पहुँच सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न होकर हर छोटे बड़े शहर एवं नगर में हो गई है।

इसलिए इस वर्तमान परिदृश्य को देखकर अंदाज़ लगाया जा सकता है की आने वाले दिनों या निकट भविष्य में ई रिक्शा सार्वजनिक परिवहन का एक बेहतरीन विकल्प के तौर पर उभरकर सामने आ सकते हैं। और ये पूर्ण रूप से ईधन से संचालित रिक्शा की जगह लेने में भी समर्थ हैं। दिल्ली, मुंबई, बंगलौर, कोलकाता, अहमदाबाद इत्यादि महानगरों में ही नहीं अपितु छोटे शहरों में भी लोग ई रिक्शा से यात्रा करना बेहद पसंद कर रहे हैं।

यही कारण है की इनकी माँग भारत के हर छोटे बड़े शहर में मौजूद है और इस माँग की आपूर्ति के लिए ही कोई भी उद्यमी E Rickshaw Business शुरू कर सकता है। भविष्य में इस ई रिक्शा बिजनेस को सरकार एवं उपभोक्ताओं से अधिक समर्थन मिलने के कुछ कारण निम्नवत हैं।

  • चूँकि ई रिक्शा बिजली से चार्ज अर्थात बैटरी से चलते हैं इसलिए ये किसी भी प्रकार का प्रदूषण पैदा नहीं करते हैं। और इन वाहनों में जिस बैटरी का इस्तेमाल हुआ होता है उसे आसानी से डिस्पोज भी किया जा सकता है। यही कारण है की सरकार भी चाहती है की इन वाहनों को लोगों का अधिक समर्थन मिले।
  • ई रिक्शा को आसानी से किसी भी मध्यमवर्गीय परिवार द्वारा ख़रीदा जा सकता है क्योंकि यह बहुत अधिक कीमती नहीं होते हैं। और ये ड्राईवर एवं यात्रियों दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं क्योंकि ईधन पर लगने वाला खर्चा इनमें नहीं लगता है।
  • चूँकि यह ई रिक्शा बिजली अर्थात बैटरी से चलता है इसलिए ये अन्य वाहन जो डीजल या पेट्रोल से चलते हैं उनसे कम आवाज पैदा करते हैं। जिससे ध्वनि प्रदूषण भी पैदा नहीं होता है।
  • जहाँ तक इसके मेंटेनेंस में आने वाले खर्च की बात है तो आपको बता देना चाहेंगे की चूँकि इनमें इंजन एवं गियरबॉक्स इत्यादि नहीं होता है इसलिए इसकी मेंटेनेंस भी काफी सस्ती होती है। और इसमें बैटरी को बदलना भी काफी सरल प्रक्रिया होती है।
  • ई रिक्शा मोटर रिक्शा की तुलना में सुरक्षा की दृष्टि से भी अधिक सुरक्षित रहते हैं इनमें दुर्घटना होने की संभावनाएं कम होती हैं।
  • E Rickshaw एक ऐसा सार्वजनिक वाहन है जिसे एक मोटरबाइक की कीमत 90000- 130000 रूपये तक ख़रीदा जा सकता है। जबकि एक मोटर रिक्शा खरीदने के लिए व्यक्ति को 2.5-4 लाख रुपयों की आवश्यकता होती है। इसके अलावा ई रिक्शा का किराया भी मोटर रिक्शा की तुलना में कम होता है।

ई रिक्शा बिजनेस में क्यों निवेश करें?

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्यों में भी बता चुके हैं की भारत में E Rickshaw का चलन लगातार बढ़ता जा रहा है। यह इसलिए हो रहा है क्योंकि यह वाहन पर्यावरण के अनुकूल है और इसे चलाने के लिए किसी प्रकार के ईधन की आवश्यकता नहीं होती है और यह किफायती परिवहन के साधन के तौर पर उभरकर सामने आया है।

चूँकि इनमें किराया कम होता है इसलिए कम दूरी तय करने के लिए लोग इनसे यात्रा करना पसंद करते हैं। E Rickshaw Business एक ऐसा व्यवसाय है जो शुरू से ही मुनाफा कमाने का सामर्थ्य रखता है इसके अलावा अन्य क्ष्तेरों की तुलना में इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा भी कम है। इस बिजनेस में निवेश करने के कुछ अन्य प्रमुख कारण इस प्रकार से हैं।

  • इस बिजनेस को शुरू करने के लिए भारी भरकम निवेश की आवश्यकता नहीं है उद्यमी 1-2 लाख में इस तरह का बिजनेस आसानी से शुरू कर सकता है।
  • ई रिक्शा के सभी पार्ट बाजार में आसानी से उचित दरों के उपलब्ध हैं।
  • इनमें ईधन नहीं लगता है इसलिए उद्यमी को ईधन इत्यादि पर कह्र्च करने की आवश्यकता नहीं होती इसलिए उद्यमी चाहे तो ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कम पैसों में भी यात्रा करवा सकता है।
  • गियरबॉक्स एवं इंजन का नदारद होना मेंटेनेंस लागत को कम करता है।

ई रिक्शा बिजनेस कैसे शुरू करें (Pocess to Start E Rickshaw Business):

यद्यपि E Rickshaw Business शुरू करना बेहद आसान है लेकिन सबसे पहले उद्यमी को यह तय करना  होगा की वह ई रिक्शा खरीदकर खुद चलाने वाला है या फिर इसे किराये पर देने वाला है।

क्योंकि यदि आपके पास इस बिजनेस में निवेश करने के लिए अधिक पैसा है तो आप एक नहीं बल्कि एक से अधिक ई रिक्शा खरीदकर उन्हें दैनिक मजदूरी में किराये पर देकर कमाई कर सकते हैं। क्योंकि बड़े शहरों में ऐसे बहुत सारे बेरोजगार होते हैं जिनके पास ई रिक्शा खरीदने के लिए पैसे नहीं होते हैं इसलिए वे इन्हें किराये पर लेकर चलाते हैं।

  • सबसे पहले यह तय कर लें की आप ई रिक्शा खुद के चलाने के लिए खरीद रहे हैं या फिर किराये पर देने के लिए। यदि आप किराये पर देने के लिए खरीद रहे हैं तो ऐसे ग्राहकों से पहले ही बात कर लें जो E Rickshaw किराये पर लेने के इच्छुक हों।
  • अपने नजदीकी ई रिक्शा विनिर्माण कंपनी या इनके शोरूम से संपर्क करें की क्या किसी सरकारी योजना जो उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए हों किसी प्रकार की सब्सिडी या छूट इत्यादि का प्रावधान तो नहीं है।
  • जब उद्यमी द्वारा नजदीकी शोरूम या विनिर्माणकर्ता से ई रिक्शा की कीमत और इससे जुड़ी योजनाओं के बारे में पता कर लिया जाता है। तो उसके बाद उद्यमी ई रिक्शा खरीदने के लिए आवश्यक वित्त का प्रबंध करना होगा ।
  • वित्त का प्रबंध के बाद जितने भी ई रिक्शा की आवश्यकता उद्यमी को हो वे खरीद लेने चाहिए। हालांकि पहले ई रिक्शा इत्यादि को आरटीओ रजिस्ट्रेशन इत्यादि की आवश्यकता नहीं होती थी लेकिन वर्तमान में हो सकती है इसलिए आम तौर पर ई रिक्शा डीलर ही इनका रजिस्ट्रेशन एवं बीमा कराते हैं। लेकिन यदि ऐसा नहीं है तो उद्यमी को यह प्रक्रिया स्थानीय नियमों के मुताबिक स्वयं ही करनी होगी।

How To Start E-Rickshaw Business in India (Complete Guide)

E-rickshaw business is one of the fastest-growing and low-investment transport businesses in India. With rising fuel prices and government support for electric vehicles, starting an e-rickshaw business can be both profitable and eco-friendly.

 What is an E-Rickshaw?

E-rickshaw is a battery-operated three-wheeler used for passenger transport or goods delivery. It runs on electricity, making it cheaper and environmentally friendly compared to petrol/diesel vehicles.

 Market Demand

  • High demand in small cities and towns
  • Affordable transport for short distances
  • Growing acceptance due to low fares
  • Government push for electric mobility
ई रिक्शा बिजनेस कैसे शुरू करें? How To Start E Rickshaw Business.
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